देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार को युवाओं को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम से ठीक पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'युवा अग्निवीर संवाद' कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं और अग्निवीरों को साधने का प्रयास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने रोजगार, पेपर लीक, सुशासन और अग्निवीरों के भविष्य जैसे अहम मुद्दों पर अपनी सरकार का पक्ष रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं का उत्साह और जोश उन्हें लगातार बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश विकास की नई गति से आगे बढ़ा है और उत्तराखंड भी इसी दिशा में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता और सुशासन सबसे आवश्यक हैं। उत्तराखंड की जनता ने लगातार स्थिर सरकार चुनकर विकास की राजनीति को मजबूती दी है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर भी कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान दरोगा, पटवारी समेत कई भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, लेकिन दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने पेपर लीक मामलों में सख्त कदम उठाए और नकल माफिया के खिलाफ कठोर कानून लागू किया। उन्होंने दावा किया कि आज प्रदेश में "बिना पर्ची और बिना खर्ची" के योग्य युवाओं को सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्तियां दी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार, खेल और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार उत्तराखंड का भविष्य युवाओं के हाथों में है और सरकार उन्हें प्रदेश निर्माण की सबसे बड़ी ताकत मानती है। कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण ऐलान अग्निवीरों को लेकर रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही अग्निवीरों के लिए एक विशेष सेल (स्पेशल सेल) स्थापित करेगी, जो सेना से सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं को रोजगार और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री और रक्षा मंत्री भी अग्निवीरों के भविष्य को लेकर गंभीर हैं तथा विभिन्न राज्य सरकारें उनके पुनर्वास की दिशा में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं सैन्य परिवार से आते हैं, इसलिए सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं को भलीभांति समझते हैं। इसी भावना के साथ उत्तराखंड सरकार पहले ही यह निर्णय ले चुकी है कि सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य के विभिन्न विभागों में प्राथमिकता के आधार पर समायोजित किया जाएगा। इससे युवाओं को सेना में सेवा देने के बाद रोजगार की नई संभावनाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री का यह संवाद ऐसे समय आयोजित हुआ, जब शुक्रवार शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी देहरादून में छात्रों के साथ संवाद करने वाले हैं। राजनीतिक जानकार इसे युवाओं के बीच अपनी-अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। एक ओर कांग्रेस शिक्षा, रोजगार और छात्र हितों के मुद्दों को लेकर युवाओं से संवाद करेगी, वहीं भाजपा सरकार ने रोजगार, भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और अग्निवीरों के भविष्य को केंद्र में रखकर अपनी रणनीति सामने रखी है। ऐसे में देहरादून में युवाओं को लेकर शुरू हुई यह राजनीतिक कवायद आने वाले समय में उत्तराखंड की राजनीति में अहम संदेश देने वाली मानी जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि युवाओं के बीच दोनों नेताओं के संवाद का कितना प्रभाव पड़ता है और किसका संदेश अधिक असरदार साबित होता है।

