Apr 17, 2026

उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा के बाद अब डिजिटल क्रांति की ओर, समिट में 30 कंपनियों ने दिखाई निवेश की गहरी रुचि

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उत्तराखंड अब केवल 'पर्यटन' ही नहीं, बल्कि 'टेक्नोलॉजी' के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयां छूने को तैयार है। राजधानी देहरादून में पहली बार आयोजित 'डिजिटल इंडिया समिट' में देश-दुनिया की शीर्ष 30 से अधिक एआई, साइबर सुरक्षा और डाटा सेंटर कंपनियों के सीईओ और प्रतिनिधियों ने शिरकत की। राज्य सरकार ने इन दिग्गज कंपनियों के लिए रेड कार्पेट बिछाते हुए उत्तराखंड को डिजिटल निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनाने का आह्वान किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आवास पर सभी कंपनियों के सीईओ के साथ विशेष बैठक की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में एआई और डाटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने सीईओ से अपील की कि वे केवल निवेश ही न करें, बल्कि चारधाम यात्रा पर जाकर यहां की देवतुल्य ऊर्जा को भी महसूस करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में आयोजित 'इंडिया डिजिटल इंपावरमेंट मीट एंड अवॉर्ड' में आईटी मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि डिजिटल इंडिया हर नागरिक को सशक्त करने का अभियान है। सचिव आईटी नितेश झा ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के कई विभागों में एआई का इस्तेमाल शुरू हो चुका है, जिससे कार्यक्षमता में 55 प्रतिशत से अधिक का सुधार आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई इंसानों को हटाने के लिए नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में काम कर रहा है। समिट के दौरान मंत्री प्रदीप बत्रा ने 'कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम-उत्तराखंड' की आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण किया। डीजीएम आशीष उपाध्याय के नेतृत्व में यह टीम प्रदेश के पूरे आईटी सिस्टम को साइबर खतरों से बचाने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करेगी। इसके साथ ही, आईटीडीए (ITDA) और ट्रिपल आईटी हैदराबाद के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन हुआ। इसके तहत विशेषज्ञ प्रदेश के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का मुआयना करेंगे और साइबर सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के लिए शोध करेंगे। इस समिट में एनटीटी ग्लोबल डाटा सेंटर के इंडिया हेड निमेश कुमार, अडाणी कनेक्स के कंट्री हेड कपिल चुघ, यात्ता डाटा सेंटर की वाइस प्रेजीडेंट ज्योति माल्दे और नेटफॉर चॉइस के समीर यादव समेत कई प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस पहल से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर आईटी निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।